Sunday, 28 July 2019

Secret of success

                           सफलता का रहस्य

                   सुकरात विश्व प्रसिद्ध दार्शनिकों में से एक थे जिन्होंने मानव जाति को प्रगति का विचार दिया। उस समय हर एक को वह उनकी समस्या हल करने का आधार प्रतीत होता था। एक दिन दोपहर एक युवा सुकरात के सामने खड़ा हुआ। उसके आने का कारण पूछे जाने पर उसने सुकरात को सफलता का रहस्य बताने का आग्रह किया। सुकरात ने बिना कुछ कहे उसे अगले दिन गाँव के बाहर नदी किनारे मिलने के लिए कहा।
     युवा बहुत उत्साहित था। उसे सफलता पाने का सरल और आसान तरीका मिलेगा ऐसा लगता था। अगले दिन सुकरात और युवक नदी किनारे पहुँचे। जब युवक ने फिर से उनसे सफलता का रहस्य पूछा, तो सुकरात ने उसका हाथ पकड़ा और उसे नदी में ले गए। कुछ अंतर अंदर जाते ही सुकरात ने उसकी गर्दन जोर से पकड़ी और उसे पानी मे डुबोया। युवा के साथ यह अचानक घटने के कारण वह हैरान हो गया। उसे तो कुछ भी समझ नही आ रहा था। वह ऊपर उठने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सुकरात पूरी ताकद से उसे फिर पानी मे लोटता था। यह सब कुछ ही पल चल रहा था। युवक ने सुकरात को जोर से धक्का दिया और पानी से ऊपर उठा। वह जोर जोर से हाफ़ रहा था। वह सुकरात को गालियां देने लगा। वह शांत होते ही सुकरात ने पूंछा," जब तुम पानी मे थे तब तुम्हे सबसे ज्यादा किसकी जरूरत थी?" युवक बोला," पानी मे जब मेरा जी घूट रहा था तब मुझे सबसे ज्यादा साँस लेने की जरूरत थी।"
    सुकरात बोले," जिस तरह तुम्हे पानी मे साँस लेने की तीव्र इच्छा थी, बिल्कुल उसी तरह ही सफल होने की तीव्र इच्छा रहेंगी तभी तुम सफल हो सकते हो।" सुकरात की बात अच्छी तरह समझ कर और सफलता का रहस्य जान कर वह लौट गया।
        सफलता का कोई शॉर्टकट नही होता हैं। सफलता पाने की तीव्र इच्छा शक्ति और उसके मुताबिक ख़ुदको कार्य करने के लिये हमेशा प्रेरित करने से ही सफलता मिलेंगी। सफलता के लिए अपार कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती हैं। अपनी क्षमता को पहचान कर उसको पूरी तरह से सफलता के प्रति उपयोग में लाना चाहिए। अंतिम क्षण तक आशावादी और सकारात्मक रहना चाहिए। जितना जीने के लिए साँस जरूरी हैं उतनी ही तीव्र इच्छा होंगी तभी आप सफल बनेगें।

Let's have a burning desire to succeed.

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