Sunday, 9 June 2019

MAKE THEM INDEPENDENT

             
                              स्वावलंबन

                      राहुल और अमन दोनों अच्छे दोस्त थे। वे एक दुसरेके पड़ोसी भी थे। उन दोनों को भी पेड़ पौधों का बहुत शौक था। उनके मकानोके सामने खाली जग़ह थीं तो उन्होंने वहाँपर हरा भरा बगीचा बनानेका निर्णय लिया। उन्होंने कई सारे पेड़ पौधें ख़रीद लाएं और अपनी अपनी खाली जगहों पर लगायें। राहुल और अमन दोंनो खूब दिलचस्पीसे बग़ीचेका ख़याल रखने लगें।
            राहुल हमेशा अपने पौधें के बारे में सोचता था। वह जितना हो सके उतना वक्त अपने पौधोंकी देखभाल करने में लगाता था। उसनें पौधोंकि अच्छी देखभाल करने के लिए कई सारी किताबें भी पढ़ना शुरू किया था। वह उन्हें बहुत सारा पाणी और कई प्रकार के नैचरल और रासायनिक खाद भी देता था। पौधोंका इतना खायल अमन भी नही रखता था।
       अमन का अपने पौधोंके प्रति अच्छा लगाव था लेकिन वह पौधों को उनके हाल पे छोड़ देता था। वह पौधोंको जितना जरूरी लगता था उतनाही पानी और खाद देता था। उसका बगीचा भी फले फूलने लगा था। लेकिन राहुल का बगीचा अमनके बग़ीचेसे बहुत हरा भरा और फ़ुलोसे लतपत था। लोग भी राहुल के इस लगाव और मेहनत से प्रभावित हुए थे। सभी को उसका खयाल रखनेका तरीका और उसका बगीचा भी अच्छा लगता था।
              गर्मी का मौसम खतम हो रहा था और बारिश सुरु होने वाली थीं। एक रात जोरों का तूफ़ान हुआ। इतना बड़ा तूफान शायद ही इससे पहले हुआ होंगा। सुबह तक तूफ़ान थम गया। सुबह राहुल और अमन दोनों अपने अपने बग़ीचेमे आ गए और देखा तो राहुल का बगीचा पूरी तरह तहस नहस हो गया था। उसके लगभग सभी पौधें जड़ों से उखड़ गए थे। लेकिन यहां अमन के सभी पौधें अपनी अपनी जगह मज़बूती से खड़े थे। राहुल ने कड़ी मेहनत की थी। अपने पौधोंका जिजान से खयाल रखा था। बग़ीचेके इस हालत से वह दुःखी था लेकिन अमनका बगीचा देख हैरान था। इसी हैरानीसे वह अमन के पास गया और कहाँ," तुमने देखा है मैंने किस तरह अपने बग़ीचेका ख़याल रखा था। मैं अपने पौधोंके इर्दगिर्द हमेशा रहता था। लेकिन तुमनें तो इतना खयाल नही रखा था फ़िर भी तुम्हारे पौधें इतने मजबूत कैसे?"
                  अमन राहुल के प्रति अपनी पूरी हमदर्दी जताते हुए बोला," तुम्हारे बगीचे के इस हालत के जिम्मेदार तुम्हहिं हो,तुम्हने अपने पौधों को अपाहिच बनाया था। तुम्हने उन्हें कभी भी जीने के लिये उनके हालातों पर नही छोड़ा। तुम्हने उन्हें सबकुछ दिया जो उन्हें अपने बलबूते पर पाना था। उनकी जड़े सतह पर ही रहीं। उनकी जड़ो को ज़मीन में घुसने की और अपने जीवन की आवश्यकताए खुद पूरी करने की जरूरत ही नही रहीं थी।तुम्हने तो उनकी ख़ुद खड़ा होने की क्षमता को ही कमज़ोर कर दिया था,बल्कि मैंने मेरे पौधोंको जितना जरूरी था उतनाही दिया और साथ ही उन्हें ख़ुद जीने के लिये छोड़ दिया इसी कारणवश वे मज़बूत बने। उनकी जड़ें जमीं में बहुत अंदर घुस गई। उन्होंने अपने आपको संभालना सीखा। वे कमजोर और मजबूर नही मज़बूत बने।"
        राहुल को उसकी ग़लती समझ में आयी। उसने फ़िरसे बगीचा बनानेका निर्णय लिया लेकिन इस बार अमनके तरीकेसे पौधोंको बढ़ाने की ठान ली।
         आप अपने बच्चे या विद्यार्थियों के प्रति किस प्रकार का रुख अपनाते हैं? राहुल की तरह अतिरिक्त खयाल करने का या फिर अमन की तरह जीतनी जरूरत है उतनाही ख़याल करने का?
      यह कहानी माता-पिता, शिक्षक, प्रशिक्षक, गुरु और वे सभी लोग जो लोंगोंको जिंदगीमें सफल बना हुआ देखना चाहतें हैं, उन्हें लोंगोंके प्रति सही तरीका अपनाने का संदेश देती हैं। हमें बच्चों को उनकी जरूरत के मुताबिक़ वह सबकुछ देना चाहिए जो उन्हें सफल बनायें, नाक़ि उनके चाहत के मुताबिक़। हमें हमेशा स्पून फीडिंग नही करना चाहिए। न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग में एक मान्यता है की, 'हर एक इंसान के अंदर वे सारे रिसोर्सेस मौजूद हैं जिसकी उसे जरूरत होती है।'(People already have all the internal resources they need) हर कोई ख़ुदको सफल बनाने की क्षमता रखता है। हमें बस उन्हें इन क्षमताओं के प्रति सज़ग करना हैं।उनकों आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देना हैं। हमे ऐसा परिवेश तैयार करना है जहाँपर वे ख़ुद ही अपने पैरों पर ख़ड़े हो सकें।
              एक चायनीज़ कहावत है, 'Give a Man a Fish, and You Feed Him for a Day. Teach a Man To Fish, and You Feed Him for a Lifetime.' हमे इस कहावत को आचरण में लाना है। हमे हमारे बच्चोंको जीनेके तरीके सिखाने चाहिए।उन्हें हरएक चीज़ बिना किसी प्रयासों के, आसानीसे उपलब्ध किये बिना उनकों किस तरह हासिल किया जा सकता है इसका केवल पथ दिखाकर उन्हें उनके हालातों पर छोड़ देना चाहिए। इसीमें उनकी सही प्रगति हैं।उनको स्वावलंबी बनाना चाहिए।
      हम लोंगोंको सफल नहीं बनाते बल्कि उन्हें सफल बनने में मदत करतें हैं। सहायता करतें हैं।उम्मीद है आप सभी अपने बच्चों और अद्ययनार्थीयोंको मज़बूत करेंगें, कमज़ोर और मजबूर नहीं।

Let's just help to realise the inner power...

Mr. Abhijeet Manav
Certified Mind Trainer, 
NLP practitioner (NFNLP, U.S.A.)
Life skills coach,
Motivational speaker,
Corporate Trainer.

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