मूल्यांकन
सोनम अपनी जिंदगीे को सबसे ज़्यादा खुश मानती है। वह ख़ुदको भाग्यशाली समझती है।वह खुशहाली के सातवें आसमान पर है।उसका हर एक दिन सपनें की तरह गुज़रता है।उसे तो कब सुबह हुई और रात कब इसका भी पता नहीं होता हैं।वह सुखी और संतुष्ट हैं और इसकी एकहि वज़ह है कि वह प्यार में है। वह एक शादीशुदा आदमी के प्यार में है। सोनम उस शादीशुदा आदमी पे जान छिड़कती है। वह दुनियाकी और खुदकी भी परवाह किए बिना उसके लिये जी रही हैं। उस शादीशुदा आदमी के लिये वह कुछभी करनेके लिये तैयार रहती हैं।वह उसको सबसे हैंडसम लगता है।वह उसके लिये सबसे प्यारा और दयालू इन्सान है।कई कई बार उसको पछतावा भी होता है, कि वे इससे पहले क्यो नहीं मिले।उसकी दूरियाँ सोनम को पागल बनाती है। उसने उस शादीशुदा आदमी को बिना सोंचे कीसीभी तर्क के बिना जिंदगीभर के लिये आपने साथ रखने की कसम खायी है।वह उसे कभीभी खोना नही चाहती है।
वह आदमी भी उसे उतनाही प्यार करता है।वह हर वक़्त उसके इर्दगिर्द रहने की कोशिश करता है। उसको अच्छी तरह से समझता है। उसका हर एक मुड़ संभलता है। जब कभी वह रूठे तो उसको मनाता है। वह सोनम को अच्छे अच्छे और महँगे तोहफे भी लाता है। उसकी कई सारी सहेलियां उनके रिश्ते को लेकर काफी हैरान भी है। और उनमेंसे कइयोको इनके प्यार और लगाव से जलन भी है,लेकिन सोनम सारी दुनियां को भुलाकर उसके प्यार के समंदर में पूरी तरह डूब गई है।खास बात यह है कि वह शादीशुदा आदमीके बच्चे की माँ बनने वाली है।
जरा ठहरिए और सोचिये क्या सोनम सही कर रही है?
यहाँ तक पढ़ते पढ़ते आप शायद इस नतीजे तक पहुँचे होंगे कि सोनम जो कुछ भी कर रहीं है वह बहुतही बुरा है। गलत है। उसको ऐसा नही करना चाहिए है।आपने उसे दोषी ठहराया होगा।उसे इस तरह शादीशुदा आदमीसे प्यार नही करना चाहिए।उसको उस आदमी के परिवार के बारे में सोचना चाहिए नाक़ि खुदके बारे में।आपने उसको को बुरा कहने साथ साथ चरित्रहीन भी ठहराया होगा।
दोस्तों, सोनम के बारे में कुछ भी अंदाजा लगाने से पहले थोड़ा आगे भी तो पढ़िये क्योकि सोनम की कहानी यहाँ खतम नहीं होती हैं।
जिस शादीशुदा आदमीसे सोनम प्यार करती है दरअसल वही सोनम का पति है।सोनम की वज़ह से ही वह शादीशुदा है।वह उसकी सबसे बेहतरीन बीवी है।दो साल पहले उनकी शादी हुई है। दोनों एक दुसरेसे ढ़ेर सारा प्यार करतें है और जल्द ही माता पिता बनने वाले हैं।
आगे की बात पढ़कर शायद आप सोनम के बारे में अच्छा सोच रहें होंगे। आपका उसकी तरफ देखनेका नज़रिया बदल चुका होंगा। आपने जिसे पहले बुरा कहाँ था,उसीको आप अभी अच्छा मानते होंगे।
हमने सोनम को बुरा कहाँ।उसे चरित्रहीन ठहराया। गलत ठहराया। ऐसा क्यों हुआ? क्योंकी हमने उसका पूरा सच नही समज़ा था। उसके जीवन की पूरी दास्ताँ नहीं पढ़ी थी। हमने आधी अधूरी बातों को देखकर कुछ अंदाज लगाये थे।
हम सबके साथ अक्सर यही होता हैं।लोगों को, घटनाओं को, चीजों को बिना समझें,उनका पूरा अध्ययन किये बिनाही हम सीधे नतीजों पर आते हैं। लोगों की कहीं सुनी बातों को पूरा सच मानते हैं और अपना नज़रिया बनाते हैं। हम लोंगोंको आँकते है। उनका गलत मूल्यांकन करते हैं। ज़िन्दगी में न जाने आज तक कितने लोगों को आपने इसतरह आंका होगा, और इसी तरह लोगोका मूल्यांकन करनेसे आपको कितना नुकसान हुआ होगा। आप किसीका भी सच जाने बिना उसके प्रति सही रुख़ नही अपना सकतें। नीरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग में एक प्रीसपोजिशन है The map is not the territory। यह कहानी उसीको प्रतीत करती है।
आशा है आनेवाले जीवन में आप लोगों का मूल्यांकन पूरा सच जाने बिना नही करेंगें।
Let's not judge the people